मैं मौसम नही हूँ जो पल में बदल जाऊँ, मैं इस जमीन से दूर कहीं और ही निकल जाऊँ, मैं उस पुराने जमाने का सिक्का हूँ मुझे फेंक न देना, हो सकता है बुरे दिनों में मैं ही चल जाऊँ।

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