Attitude Shayari

फ़क़ीर मिज़ाज़ हूँ, मै अपना अंदाज़
औरों से जुदा रखती हूँ,
लोग मस्जिदो मे जाते है,
मै अपने दिल मे ख़ुदा रखती हूँ।

दिल से अगर दे तो ​नफरत​ भी कबूल है​,
खैरात में तो तेरी मोहब्बत भी मंजूर नहीं।

हमारे इश्क ने मशहूर कर दिया तुझे ऐ बेवफा,
नहीं तो तू सुर्खियों में रहे, इतनी औकात नहीं।

बेखुदी की जिंदगी हम जिया नहीं करते,
जाम दूसरों से छीनकर हम पिया नहीं करते,
उनको महोबत है तो आकर इज़हार करें,
पीछा हम भी किसीका किया नहीं करते।